
रायपुर। छत्तीसगढ़ के करीब 65 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सितंबर में आने वाले अगस्त के बिल में अतिरिक्त भार झेलना पड़ेगा। बिल में 13% एफपीपीएएस शुल्क जुड़ने की संभावना है। इसमें पिछले महीने का बचा 8% और अगस्त का नया 5% चार्ज शामिल होगा।
अगस्त के लिए एफपीपीएएस शुल्क 16% तय हुआ था, लेकिन फिलहाल 5% वसूला गया और शेष 11% में से 8% अगले बिल में जोड़ा जाएगा। लगातार बढ़ते इस शुल्क के कारण आने वाले महीनों में भी बिजली बिल पर अतिरिक्त बोझ बना रह सकता है।
शुल्क बढ़ने का कारण ज्यादा बिजली खरीदी
बीते तीन माह से एफपीपीएएस शुल्क के बढ़ने का कारण पॉवर कंपनी के अधिकारी यह बता रहे हैं कि गर्मी की वजह से इस बार बाहर से ज्यादा बिजली खरीदी गई है। बीते करीब दो माह से तो कोरबा के 210 मेगावाट के दो संयंत्र भी लगातार बंद रहे हैं। इस समय भी एक 210 मेगावाट का संयंत्र बंद है। ऐसे में बाहर से ज्यादा बिजली लेनी पड़ रही है।
जनवरी से अगस्त तक इस शुल्क में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। अब सितंबर के बिल में पुराने बकाया के साथ नया चार्ज जुड़ने से उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।



