शहीद की जन्मभूमि पर रोपी गईं स्मृतियां, पौधों में संजोया अपनों का प्यार

बसना। बसना विकासखंड ग्राम खेमड़ा में शहादत, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम देखने को मिला। पुलिस के वीर जवान आरक्षक शहीद सत्यनारायण बगर्ती की जन्मभूमि पर ग्रामीणों ने उनकी स्मृति के साथ अपने पूर्वजों को भी याद किया और सैकड़ों पौधे रोपे। 40 से अधिक परिवारों ने अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में पौधे लगाकर उन्हें संजोने का संकल्प लिया।
यहां लगाया गया हर पौधा किसी रिश्ते की याद और किसी अपने के प्रति श्रद्धांजलि का प्रतीक बना। एक पेड़ माता के नाम अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता की आरती और दीप प्रज्ज्वलन से हुई।
ग्राम पंचायत खेमड़ा की सरपंच उषा दुर्योधन पटेल, पंचगण, शाला विकास समिति के सदस्य, पालक, स्कूली बच्चे और बड़ी संख्या में ग्रामवासी शामिल हुए। शुभा नर्सिंग होम एवं शुभा सेवा समिति सरायपाली के डायरेक्टर डॉ. भागेश्वर पटेल एवं डॉ. सुजाता पटेल ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
पहले शहीद को नमन, फिर पूर्वजों की स्मृति में पौधे
कार्यक्रम में सरपंच उषा दुर्योधन पटेल तथा डॉ. भागेश्वर पटेल एवं डॉ. सुजाता पटेल ने शहीद सत्यनारायण बगर्ती के परिवार को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। ग्रामीणों ने करतल ध्वनि से शहीद परिवार का अभिनंदन किया। इसके बाद शासकीय प्राथमिक शाला खेमड़ा परिसर में शहीद सत्यनारायण बगर्ती की स्मृति में पहला पौधा रोपा गया।
इसके बाद ग्रामीणों ने अपने-अपने पूर्वजों की याद में पौधारोपण किया। गजानन बेहरा ने स्व. शौकीलाल बेहरा एवं इंदुमती बेहरा, डॉ. भागेश्वर पटेल एवं डॉ. सुजाता पटेल ने स्व. थबीर मोहन पटेल एवं स्व. चक्रधर सिंह पटेल, दुर्योधन पटेल ने स्व. नंदलाल पटेल, अश्वनी बगर्ती ने स्व. सौदागर बगर्ती, उपेंद्र बांक ने स्व. करुणाकर बांक, चंद्रपाल पटेल ने स्व. प्यारीलाल पटेल, थान कुमारी वैष्णव ने स्व. बाबा विष्णुशरण और दयामणि सिदार ने स्व. रामेश्वर सिदार की स्मृति में पौधे लगाए। इसी तरह 40 से अधिक परिवारों ने अपने पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण किया।
पेड़ बढ़ेंगे तो यादें भी जीवित रहेंगी
सरपंच उषा दुर्योधन पटेल और डॉ. भागेश्वर पटेल ने कहा कि देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीरों का बलिदान राष्ट्र कभी नहीं भूल सकता। खेमड़ा के ग्रामीणों ने शहीदों और पूर्वजों की स्मृति को पौधों से जोड़कर देशभक्ति, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है।
ग्रामीणों ने संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करेंगे और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित रखेंगे। आज के ये पौधे कल शहीदों और पूर्वजों की जीवंत स्मृतियां बनकर गांव को छांव देंगे। साथ ही खेमड़ा को हर दृष्टि से आदर्श ग्राम बनाने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम का संचालन शासकीय प्राथमिक शाला खेमड़ा के शिक्षक वीरेंद्र कर ने किया।



