आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े की पुष्टि, रायपुर के दो निजी अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त

रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में कथित फर्जीवाड़े की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के कई निजी अस्पतालों में जांच और छापामार कार्रवाई की।
जांच में शिकायतों की पुष्टि होने के बाद मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और लोटस हॉस्पिटल एंडवांस यूरोलॉजी सेंटर का नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रायपुर के श्री अनंत साईं हॉस्पिटल, श्री महावीर अस्पताल-मोवा, वरदान हॉस्पिटल, मेड लाइफ सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लोटस हॉस्पिटल एंडवांस यूरोलॉजी सेंटर और रावतपुरा हॉस्पिटल में कार्रवाई की।
टीम ने आयुष्मान योजना के तहत भर्ती किए गए कथित फर्जी मरीजों से संबंधित क्लेम और दस्तावेजों की जांच की।
फर्जी मरीज और कमीशनखोरी का मामला
स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर इंद्रजीत बर्मन के अनुसार, आयुष्मान योजना में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जांच कमेटी गठित कर अस्पतालों में कार्रवाई की गई थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।
जांच में फर्जी मरीजों को भर्ती दिखाने और कमीशनखोरी से संबंधित अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई है। विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोनों अस्पतालों के खिलाफ नर्सिंग होम एक्ट के तहत लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अन्य अस्पतालों में भी दस्तावेजों और आयुष्मान योजना के तहत किए गए क्लेम की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।



