निःशुल्क डायलिसिस से सुकमा जिला अस्पताल बना मरीजों का सहारा
ओडिशा के मलकानगिरी से भी इलाज के लिए पहुंच रहे किडनी के मरीज, दो महीने से गौतम मजूमदार को मिल रही राहत

रायपुर, 12 अक्टूबर। बस्तर संभाग के सुकमा जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत का माध्यम बन रहा है। सुकमा जिला अस्पताल में संचालित निःशुल्क डायलिसिस यूनिट किडनी के मरीजों को उपचार की सुविधा उपलब्ध करा रही है। खास बात यह है कि इस सेवा का लाभ छत्तीसगढ़ के मरीजों के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी से आने वाले मरीज भी उठा रहे हैं।
जिला अस्पताल में उपलब्ध इस सुविधा से मरीजों को डायलिसिस के लिए दूरस्थ शहरों की यात्रा करने की परेशानी से राहत मिल रही है। साथ ही, निःशुल्क उपचार के कारण गंभीर बीमारी के इलाज पर होने वाले खर्च का बोझ भी कम हो रहा है।
मलकानगिरी के मरीजों को भी मिल रहा लाभ
ओडिशा के मलकानगिरी निवासी गौतम मजूमदार किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी दौरान उन्हें सुकमा जिला अस्पताल में संचालित डायलिसिस सेंटर की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने यहां उपचार शुरू कराया।
गौतम मजूमदार के मुताबिक, पिछले दो महीनों से उन्हें सुकमा जिला अस्पताल में पूरी तरह निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। अस्पताल के कर्मचारी भी आत्मीयता के साथ उनकी देखभाल करते हैं। उन्होंने इस सुविधा से मिली राहत के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया।
मलकानगिरी के ही ध्रुवल राय और दत्ता जैसे मरीज भी सुकमा जिला अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा का लाभ ले रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से दूसरे राज्यों के मरीजों को भी उपचार का विकल्प मिल सकता है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर
सुकमा जिला प्रशासन अस्पताल की व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी कर रहा है। कलेक्टर अमित कुमार जिला चिकित्सालय में उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञों और चिकित्सकों की कमी दूर करने के उद्देश्य से जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से डॉक्टरों की नियुक्तियां की गई हैं। इससे अस्पताल में उपचार संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने में मदद मिली है।
सुकमा जैसे दुर्गम क्षेत्र में निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत के साथ भरोसे का आधार भी बन रही है। जिला अस्पताल में उपलब्ध यह सेवा बताती है कि स्थानीय स्तर पर उपचार की सुविधाएं मजबूत होने से मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाने में मदद मिल सकती है।



