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गरियाबंद के साहेबिनकछार में लगा जनसमस्या निवारण शिविर, 65 मामलों का त्वरित समाधान
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तरुण नागेश गरियाबंद
गरियाबंद31 मार्च 2026 को गरियाबंद जिले के पूर्णतः नक्सल मुक्त घोषित होने के बाद, प्रशासन ने दूरस्थ वनांचलों में विकास कार्यों की रफ्तार तेज कर दी है। इसी कड़ी में मैनपुर ब्लॉक के अति संवेदनशील और आदिवासी बहुल ग्राम ‘साहेबिनकछार’ में जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर का सफल आयोजन किया गया। दशकों बाद कलेक्टर बीएस उइके और एसपी वेदव्रत सिरमौर सहित पूरे प्रशासनिक अमले को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

शिविर की प्रमुख बातें:
- समस्याओं का ऑन द स्पॉट निपटारा: शिविर में विभिन्न विभागों (स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि आदि) के स्टॉल लगाए गए थे। यहां कुल 184 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 65 समस्याओं का अधिकारियों ने मौके पर ही समाधान कर दिया। बाकी आवेदनों को समय-सीमा के भीतर सुलझाने के निर्देश दिए गए हैं।
- विकास की उठी मांग: जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप और सदस्य संजय नेताम ने क्षेत्र में 21 किमी पक्की सड़क, विद्युतीकरण और मोबाइल टावर शुरू करने की मांग प्रमुखता से रखी।
- कलेक्टर और एसपी की अपील: कलेक्टर ने ग्रामीणों से बच्चों को स्कूल और आंगनबाड़ी भेजने तथा कुपोषण दूर करने पर जोर दिया। वहीं, एसपी और डीएसपी ने यातायात नियमों का पालन करने और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए ‘1930’ हेल्पलाइन नंबर का उपयोग करने की सलाह दी।
- सामग्री वितरण: शिविर के दौरान समाज कल्याण विभाग द्वारा जरूरतमंदों को ट्राई-साइकिल, व्हीलचेयर और छड़ियों का वितरण किया गया, साथ ही महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया गया।

इस अवसर पर सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व के उप निदेशक वरुण जैन, जिपं सीईओ प्रखर चंद्राकर सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित थे।



