छत्तीसगढ़

दुर्गम आदिवासी अंचलों में कलेक्टर का औचक दौरा: राशन, स्कूल और आश्रम की व्यवस्थाएं परखी, 12 किमी पैदल सेवा देने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता होंगी सम्मानित

गरियाबंद | मैनपुर.जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं की हकीकत जानने के उद्देश्य से गरियाबंद कलेक्टर बी.एस. उइके ने गुरुवार को जिले के सुदूर वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों का औचक दौरा किया। उन्होंने उचित मूल्य दुकान, आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय और आदिवासी छात्रावासों का निरीक्षण कर खाद्यान्न वितरण, शिक्षा, पोषण और आवासीय व्यवस्थाओं की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कमियों में सुधार और सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।

दौरे की शुरुआत ग्राम जोबा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान से हुई, जहां कलेक्टर ने खाद्यान्न भंडारण, स्टॉक रजिस्टर और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण किया। राशन लेने पहुंचे हितग्राहियों से बातचीत में अधिकांश लोगों ने बताया कि उन्हें हर महीने समय पर राशन मिल रहा है। कलेक्टर ने सेल्समैन को पारदर्शी और निर्धारित मात्रा में समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके बाद कलेक्टर नवागढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र और शासकीय प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। आंगनबाड़ी में बच्चों की उपस्थिति, पूरक पोषण आहार और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेने के साथ बच्चों को चॉकलेट भी वितरित की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को कुपोषित बच्चों की विशेष निगरानी करते हुए पौष्टिक आहार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्राथमिक विद्यालय में कलेक्टर ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से गणित, अंग्रेजी और सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे तथा उनके सीखने के स्तर का आकलन किया। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित करते हुए शिक्षकों से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और व्यवहारिक ज्ञान पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

निरीक्षण के दौरान धवलपुर आदिवासी बालक आश्रम में भोजन, पेयजल, स्वच्छता, शयन व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने छात्रों से सीधे संवाद कर उनकी पढ़ाई और छात्रावास में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली तथा अधिकारियों को सुरक्षित और बेहतर आवासीय वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने कुल्हाड़ीघाट और मटाल के आंगनबाड़ी केंद्रों तथा शासकीय आदिवासी कन्या आश्रम का भी निरीक्षण किया। यहां छात्राओं से बातचीत कर शिक्षा, भोजन और छात्रावास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली और सभी सेवाओं को नियमित एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए।

12 किलोमीटर पैदल सेवा देने वाली कार्यकर्ता को मिलेगा सम्मान निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बी.एस. उइके ने भालुडिग्गी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशामोतिन नेताम के समर्पण की विशेष सराहना की। आशामोतिन नेताम प्रतिदिन लगभग 12 किलोमीटर दुर्गम पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर गांव पहुंचती हैं और सप्ताह में छह दिन वहीं रहकर आंगनबाड़ी केंद्र का संचालन करती हैं। इतना ही नहीं, वे गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए अस्पताल तक पहुंचाने में भी सक्रिय भूमिका निभाती हैं।

उनकी उल्लेखनीय सेवाओं को देखते हुए कलेक्टर ने उन्हें 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित करने की घोषणा की।निरीक्षण के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी राजेश चंद्राकर, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त लोकेश पटेल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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