मैनपुर कला में मनाया गया नवाखाई पर्व, क्षेत्र में सबसे पहले नई फसल अर्पित करने की परंपरा

- मैनपुर। आदिवासी एवं कृषि संस्कृति से जुड़े महत्वपूर्ण नवाखाई पर्व का आयोजन ग्राम मैनपुर कला में पारंपरिक रीति-रिवाज और श्रद्धा के साथ किया गया। गांव में इस पर्व को क्षेत्र में सबसे पहले मनाए जाने वाली परंपरा के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है।
नवाखाई का मूल भाव नई फसल के प्रथम अन्न को ग्रहण करने से पहले ग्रामदेवता, प्रकृति शक्ति और पुरखों को अर्पित करना है। इसी परंपरा के तहत ग्राम पुजारी एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में नई फसल का विधिवत पूजन-अर्पण किया गया। इसके बाद लोगों ने नए अन्न को प्रसाद स्वरूप ग्रहण कर सुख-समृद्धि की कामना की।
यह पर्व केवल नई फसल खाने की परंपरा नहीं, बल्कि धरती, अन्नदाता किसान, प्रकृति और पुरखों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व माना जाता है। नवाखाई के माध्यम से ग्रामीण अपनी पारंपरिक संस्कृति और सामुदायिक एकता को भी जीवंत रखते हैं।
इस अवसर पर ग्राम पुजारी डोमार सिंह नागेश, सियाराम ठाकुर, मधुराम नागेश, भोला नागेश, गौकरण नागेश, पिंकू ठाकुर, राकेश ठाकुर, मयाराम नागेश, बलराम नागेश, भंगुराम नागेश, टीकम नागेश, रोहन नागेश, कृष्णा नागेश.खगेश्वर नागेश.विशेष नागेश.तोमेश नागेश.गणेश्वर नागेश, भूपेंद्र नागेश, टीकम सिंह, चरण सिंह नागेश, यादव, कृष्णा नागेश एवं उमाशंकर नागेश पीलाराम नागेश. सागर नागेश सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।



