गणेश शोभायात्रा पर पुलिस की हिदायत से गरमाई सियासत

बेंगलुरु। कर्नाटक में गणेश उत्सव के दौरान शोभायात्रा को लेकर एक पुलिस अधिकारी का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। वायरल वीडियो में अधिकारी आयोजकों को कुछ निर्देश देते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि शोभायात्रा मस्जिद के सामने से नहीं निकाली जानी चाहिए और त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाना चाहिए।
अधिकारी ने लोगों से दूसरों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील भी की। वीडियो में वह यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि यदि मस्जिद के सामने जाकर पटाखे बजाए गए तो पुलिस मामले से अपने तरीके से निपटेगी। वीडियो सामने आने के बाद इस निर्देश को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है।
भाजपा ने सरकार को घेरा
भाजपा सांसद यदुवीर वाडियार ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि सभी के लिए होती है। उनके मुताबिक पुलिस और प्रशासन का काम कानून-व्यवस्था बनाए रखना है, न कि शोभायात्रा के मार्ग पर रोक लगाना।
उन्होंने कहा कि किसी को यह तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि धार्मिक जुलूस किस रास्ते से जाएगा और किस रास्ते से नहीं।
आर. अशोक ने भी उठाए सवाल
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने भी कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अलग-अलग जिलों में गणेश चतुर्थी मनाने के लिए आने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है।
अशोक ने सवाल उठाया कि यदि मस्जिद के सामने से जुलूस निकलने पर आपत्ति है, तो गुरुद्वारे या जैन मंदिर के सामने से गुजरने पर ऐसी परेशानी क्यों नहीं होती। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि वास्तव में कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती कौन पैदा कर रहा है।
प्रशासन का जोर शांति पर
हालांकि धार्मिक आयोजनों के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से मार्ग, ध्वनि, पटाखों तथा भीड़ को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं। गणेश उत्सव में भी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी टकराव की स्थिति को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना होता है। फिलहाल वायरल वीडियो के बाद मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।



