मां केवल रिश्ता नहीं, ममता, त्याग, संस्कार और आशीर्वाद की साक्षात प्रतिमूर्ति- मोक्ष प्रधान

बसना। बसना विकासखंड के ग्राम पलसापाली में मातृत्व, आस्था और संस्कार का अनूठा संगम देखने को मिला। गांव की माताओं द्वारा आयोजित पारंपरिक ‘बेटा पूजा’ कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस नेता मोक्ष कुमार प्रधान शामिल हुए। माताओं ने उन्हें अपने बेटे के रूप में स्वीकार करते हुए विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया।
कार्यक्रम के दौरान माताओं के स्नेह और आत्मीयता से वातावरण भावुक हो उठा। धार्मिक परंपरा के अनुसार माताओं ने बेटे की पूजा कर मंगलकामनाएं कीं। इसके बाद मोक्ष कुमार प्रधान ने सभी माताओं के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान मौजूद ग्रामीण भी भावुक नजर आए।
मां का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : मोक्ष प्रधान
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि मां का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। मां के चरणों में संस्कार, सेवा और समर्पण की भावना का मूल निहित है।
पलसापाली की माताओं ने जिस आत्मीयता से उन्हें अपना बेटा मानकर पूजा और आशीर्वाद दिया, वह उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृति रहेगी।
उन्होंने कहा कि मां केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि ममता, त्याग, संस्कार और आशीर्वाद की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। मां का आशीर्वाद व्यक्ति के जीवन में विश्वास, शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। माताओं के बीच बेटे के रूप में मिला स्नेह उनके लिए सम्मान के समान है।
उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में मां को देवी का स्वरूप माना गया है। मां के चरणों में श्रद्धा और सेवा करना हमारी संस्कृति एवं संस्कारों की पहचान है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गांव की माताओं और ग्रामीणों की सहभागिता रही।



