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बसना: करेले की खेती से बदली किसान दीपक की तकदीर, एक साल में कमाए 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ

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रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के प्रगतिशील किसान दीपक ने आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर यह साबित कर दिया है कि कृषि में नवाचार किसानों की आय को कई गुना बढ़ा सकता है।

बसना विकासखंड के ग्राम बंसुलीडीह निवासी दीपक ने वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के अंतर्गत करेले की व्यावसायिक खेती शुरू कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

स्नातकोत्तर शिक्षित किसान दीपक पहले अपनी एक हेक्टेयर सिंचित भूमि पर पारंपरिक रूप से धान की खेती करते थे। धान उत्पादन से उन्हें सालाना करीब 42 हजार 300 रुपये का शुद्ध लाभ मिलता था।

उद्यानिकी विभाग के मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं से प्रेरित होकर उन्होंने करेले की खेती का चयन किया। परिणामस्वरूप इस वर्ष उन्हें लगभग 2.95 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ, जो धान की खेती से मिलने वाले लाभ की तुलना में सात गुना से अधिक है।

दीपक की सफलता का आधार आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रभावी उपयोग रहा। उन्होंने ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और मचान पद्धति जैसी वैज्ञानिक विधियों को अपनाया, जिससे पानी की बचत हुई और फसल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया।

आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से उत्पादन लागत नियंत्रित रही और प्रति एकड़ लगभग 18 टन करेले का बंपर उत्पादन प्राप्त हुआ।

बेहतर गुणवत्ता के कारण दीपक को बाजार में करेले का औसतन 30 रुपये प्रति किलोग्राम का आकर्षक मूल्य मिला। उन्होंने अपनी उपज को स्थानीय सरायपाली मंडी के अलावा पड़ोसी राज्य ओडिशा के प्रमुख बाजारों में भी बेचा, जहां उत्पाद की अच्छी मांग रही। इससे उन्हें बेहतर बाजार और अधिक लाभ दोनों प्राप्त हुए।

दीपक का कहना है कि उद्यानिकी खेती अपनाने से उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। बढ़ी हुई आय से परिवार का जीवन स्तर बेहतर हुआ है और वे लगातार नई तकनीकों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी लेकर खेती को और अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

दीपक की सफलता अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है। ग्राम बंसुलीडीह सहित आसपास के कई गांवों के किसान पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर सब्जी एवं फल उत्पादन जैसी उद्यानिकी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सफल पहलें जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

mahipal sao

वर्ष 2025 में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। इसके पश्चात पत्रकारिता के… More »

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