बाढ़ के बीच जिंदगी की जंग: गरियाबंद पुलिस और SDRF ने 14 ग्रामीणों को मौत के मुंह से सुरक्षित निकाला


गरियाबंद | जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने रविवार तड़के गरियाबंद जिले के छुरा क्षेत्र में बगनई नदी का जलस्तर अचानक बढ़ा दिया। नदी के किनारे निर्माणाधीन पुल के नीचे बनी अस्थायी झोपड़ियों में सो रहे 14 श्रमिक कुछ ही मिनटों में चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिर गए। हालात ऐसे थे कि जरा-सी देर भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती थी।सुबह करीब चार बजे ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए थाना छुरा को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उप निरीक्षक ज्ञानेश्वर सिंह गंगवाल के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। इसके साथ ही नगर सेना एवं SDRF महासमुंद की टीम को भी राहत एवं बचाव अभियान के लिए सक्रिय किया गया।

बगनई नदी का तेज बहाव रेस्क्यू अभियान में सबसे बड़ी चुनौती था। इसके बावजूद पुलिस और SDRF के जवानों ने पूरी सावधानी और रणनीति के साथ अभियान चलाया। एक-एक कर सभी 14 फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे अभियान में किसी भी व्यक्ति को कोई गंभीर चोट नहीं आई।स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यदि टीम समय पर नहीं पहुंचती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। बारिश के मौसम में नदी-नालों के अचानक उफान पर आने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों और उफनती नदियों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।गरियाबंद पुलिस ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा की घड़ी में त्वरित निर्णय, समन्वित प्रयास और साहसिक कार्रवाई कई अनमोल जिंदगियों को बचा सकती है।



