अपराध / हादसाछत्तीसगढ़

मैनपुर के युवक की संदिग्ध मौत का खुलासा: दोस्ती, शराब पार्टी और मारपीट बनी हत्या की वजह, सात युवक गिरफ्तार

गरियाबंद। मैनपुर क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत की गुत्थी को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। शुरुआती तौर पर जिस घटना को सामान्य मौत माना जा रहा था, जांच आगे बढ़ने पर वह सुनियोजित मारपीट और हत्या के मामले में बदल गई। पुलिस ने मामले में सात युवकों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली जांच की दिशा मामले की शुरुआत युवक के संदिग्ध परिस्थितियों में मिले शव से हुई। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया। रिपोर्ट में सामने आए चोटों के निशानों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों ने मौत को संदिग्ध बना दिया। इसके बाद पुलिस ने घटना की हर कड़ी को नए सिरे से जोड़ना शुरू किया।

मोबाइल लोकेशन और पूछताछ से खुली परतें जांच टीम ने मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन, घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों और संबंधित लोगों से लगातार पूछताछ की। पुलिस को मिले इनपुट के आधार पर संदेह कुछ युवकों पर गया। जब उनसे अलग-अलग पूछताछ की गई तो बयान में विरोधाभास सामने आया और धीरे-धीरे पूरी घटना का खुलासा हो गया।

विवाद ने लिया हिंसक रूप पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक और आरोपियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर युवक के साथ कथित रूप से बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मामले को सामान्य मौत का रूप देने की कोशिश भी की गई, लेकिन फॉरेंसिक और तकनीकी जांच ने सच्चाई उजागर कर दी।

सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में पुलिस ने मामले में शामिल सात युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस बोली— वैज्ञानिक जांच से मिला अहम सुरागजांच अधिकारियों के अनुसार इस मामले को सुलझाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा और लगातार की गई पूछताछ की अहम भूमिका रही। इन्हीं आधारों पर घटना की पूरी कड़ी सामने आई और आरोपियों तक पहुंचना संभव हुआ।

क्षेत्र में चर्चा का विषय बना मामला मैनपुर क्षेत्र में इस मामले के खुलासे के बाद लोगों के बीच घटना को लेकर व्यापक चर्चा है। स्थानीय लोग पुलिस की जांच को महत्वपूर्ण मान रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।

कार्रवाई के तहत देवकुमार निषाद, भीखम यादव, मनीष यादव, लक्की नेताम, लोकेश यादव और डिगेंद्र निर्मलकर को गिरफ्तार किया गया है। वहीं घटना में शामिल एक 17 वर्षीय विधि-विरुद्ध बालक के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की गई है।पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है, ताकि घटना से जुड़ी हर कड़ी स्पष्ट हो सके।यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कर्ण कुमार उइके और एसडीओपी ओमप्रकाश कुजूर के मार्गदर्शन में थाना मैनपुर पुलिस टीम ने अंजाम दी।

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