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अपराध / हादसाछत्तीसगढ़

साहेबिनकछार में वन विभाग का शिकंजा, छिपाकर रखी गई लाखों की सागौन लकड़ी बरामद

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तालाब और खेतों में छिपाई गई लाखों की लकड़ी बरामद, वन्यजीव शिकार से भी जुड़े मिले तार

गरियाबंद, 10 जून। छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर स्थित साहेबिनकछार गांव में अवैध सागौन तस्करी के खिलाफ पुलिस और उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की संयुक्त कार्रवाई में बड़ा खुलासा हुआ है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, जबकि सात अन्य आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। जांच में ओडिशा के लकड़ी तस्करों से जुड़े नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं।वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों ने कार्रवाई की भनक लगते ही सागौन की लकड़ी को तालाबों में फेंक दिया तथा घरों की बाड़ियों में गड्ढे खोदकर छिपा दिया था। विशेष रूप से प्रशिक्षित स्निफर डॉग ‘टीना’ की मदद से इन छिपे हुए भंडारों का पता लगाया गया।संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर छापेमारी कर करीब 4.56 घनमीटर अवैध सागौन लकड़ी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपये बताई जा रही है, जब्त की। इसके अलावा एक पेट्रोल चालित आरा मशीन और तीन बड़े हाथ आरे भी बरामद किए गए।जांच के दौरान कुछ आरोपियों के घरों से सागौन लकड़ी से बने महंगे सोफा सेट भी मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि ओडिशा के तस्करों के साथ मिलकर अवैध फर्नीचर निर्माण का कारोबार संचालित किया जा रहा था।मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब तीन आरोपियों के पास से संरक्षित वन्यजीव साही (अनुसूची-II) के अवयव, शिकार में उपयोग होने वाले फंदे और पोटाश बम भी बरामद हुए। वन विभाग ने बताया कि ये आरोपी जनवरी 2026 में दर्ज वन्यजीव शिकार प्रकरण में भी संदिग्ध रहे हैं।वन विभाग ने सात संदिग्धों के खिलाफ सर्च वारंट जारी कर कार्रवाई की। हालांकि अधिकांश आरोपी मौके से फरार हो गए। अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने बताया कि इस पूरी कार्रवाई में गरियाबंद पुलिस, वन विभाग के कर्मचारियों और सुरक्षा श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्निफर डॉग टीना की मदद से छिपाकर रखी गई लकड़ी और अन्य सामग्री का पता लगाने में सफलता मिली।वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि यह केवल स्थानीय तस्करी का मामला नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़ा संगठित अवैध कारोबार हो सकता है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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