बस्तर ओलंपिक : 1 अक्टूबर से शुरू होगा पंजीयन, नवंबर में ब्लॉक स्तर की स्पर्धाएं

रायपुर, 30 सितंबर 2026। बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने और उनकी खेल प्रतिभा को बेहतर मंच देने के उद्देश्य से बस्तर ओलंपिक के तीसरे संस्करण की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
इसके लिए 1 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक पंजीयन किए जाएंगे। तीन चरणों में होने वाले आयोजन की शुरुआत नवंबर में विकासखंड स्तर की प्रतियोगिताओं से होगी।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने बस्तर संभाग के आयुक्त और सभी जिलों के कलेक्टरों को आयोजन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
14 से 17 वर्ष के खिलाड़ी ले सकेंगे हिस्सा
बस्तर ओलंपिक में जूनियर वर्ग में 14 से 17 वर्ष आयु के बालक-बालिकाएं भाग ले सकेंगे। वहीं सीनियर वर्ग में महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों को शामिल किया जाएगा। नक्सल हिंसा में दिव्यांग हुए प्रतिभागियों और पुनर्वासित सदस्यों की भागीदारी सीधे संभाग स्तर पर सुनिश्चित की जाएगी।
नवंबर-दिसंबर में होंगे तीन चरण
प्रतियोगिताओं का आयोजन विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर होगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार विकासखंड स्तर की स्पर्धाएं 1 से 13 नवंबर, जिला स्तर की प्रतियोगिताएं 16 से 25 नवंबर और संभाग स्तर की प्रतियोगिताएं 7 से 11 दिसंबर तक आयोजित की जाएंगी।
कई खेलों में दिखेगा खिलाड़ियों का दम
बस्तर ओलंपिक में एथलेटिक्स के तहत 100, 200 और 400 मीटर दौड़, लंबी कूद, ऊंची कूद, शॉटपुट, डिस्कस थ्रो, जैवलिन थ्रो और 4×100 मीटर रिले शामिल हैं। इसके अलावा तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराते, कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल की प्रतियोगिताएं भी होंगी।
हॉकी और वेटलिफ्टिंग का आयोजन सीधे जिला स्तर पर किया जाएगा। सीनियर महिला वर्ग में रस्साकसी को प्रदर्शनात्मक खेल के रूप में शामिल किया गया है।
पिछले दो संस्करणों में लाखों खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
बस्तर के युवाओं की खेल प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से वर्ष 2024 में बस्तर ओलंपिक का पहला संस्करण आयोजित किया गया था। इसमें करीब 1 लाख 65 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। वर्ष 2025 में दूसरे संस्करण के लिए 3 लाख 91 हजार खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया।
खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए पहले संस्करण के उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले 13 खिलाड़ियों और दूसरे संस्करण के 18 खिलाड़ियों को यूथ आइकॉन के रूप में चिन्हित किया गया था। तीसरे संस्करण से भी बस्तर के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।



