Follow Us on Our Social Media
महासमुंद
Trending

SIR पर सियासत के बीच भाजपा का पलटवार, स्वप्निल तिवारी बोले- तथ्यों के आधार पर हो चर्चा

Follow Us on Our Social Media

महासमुंद। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा के जिला प्रवक्ता स्वप्निल तिवारी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर राजनीति करने के बजाय तथ्यों, कानून और संवैधानिक प्रक्रियाओं के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।

स्वप्निल तिवारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई स्पष्टता के बाद SIR को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे कई सवालों की वास्तविकता सामने आ गई है। उन्होंने विपक्ष से आधिकारिक तथ्यों और संवैधानिक व्यवस्था का अध्ययन करने तथा मतदाताओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने से बचने की अपील की।

मतदाता सूची का पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची का समय-समय पर पुनरीक्षण लोकतांत्रिक निर्वाचन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका उद्देश्य पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करना और सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने बताया कि नागरिक निर्वाचन आयोग की मतदाता सेवाओं के माध्यम से अपने नाम की जांच, विवरण में सुधार, नए मतदाता के रूप में पंजीयन और आवेदन की स्थिति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। नए मतदाताओं के पंजीयन के लिए फॉर्म-6 की सुविधा भी उपलब्ध है।

आरोपों के साथ प्रमाण भी जरूरी

तिवारी ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन गंभीर आरोप लगाने से पहले उनके समर्थन में तथ्य और प्रमाण प्रस्तुत करना भी जरूरी है। उनके मुताबिक केवल राजनीतिक आरोपों या सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर अविश्वास का माहौल बनाना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि EVM, मतदाता सूची और निर्वाचन आयोग जैसे विषयों पर लगातार संदेह का वातावरण बनने से लोकतांत्रिक व्यवस्था और मतदाताओं के विश्वास पर असर पड़ सकता है। राजनीतिक दलों को अपनी आपत्तियां संवैधानिक और कानूनी मंचों पर तथ्यों के साथ रखने की स्वतंत्रता है।

प्रमाण के साथ आयोग के समक्ष आपत्ति रखने की अपील

भाजपा जिला प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल यदि निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस आपत्ति रखते हैं, तो उन्हें संबंधित दस्तावेज और प्रमाण निर्वाचन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व से निर्वाचन आयोग के संबंध में लगाए गए आरोपों पर तथ्य सामने रखने की बात कही।

तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं की आलोचना तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में हो और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न रहे, यह सुनिश्चित करना निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। साथ ही नागरिकों और राजनीतिक दलों की भी जिम्मेदारी है कि वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सहयोग करें और पात्र मतदाताओं को जागरूक करें।

उन्होंने कहा कि भाजपा का मत है कि मतदाता सूची हो या निर्वाचन प्रक्रिया, हर विषय में पारदर्शिता, कानून और संवैधानिक व्यवस्था सर्वोपरि होनी चाहिए। राजनीतिक दलों को जनता को भ्रमित करने के बजाय लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने में सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

mahipal sao

वर्ष 2025 में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। इसके पश्चात पत्रकारिता के… More »

Related Articles

Back to top button