महिला के नाम जमीन की रजिस्ट्री पर 50% शुल्क में छूट, प्रेमलता गिरी को मिली 2,430 की बचत

रायपुर, 4 अक्टूबर 2026। गरियाबंद जिले के पारागांव निवासी श्रीमती प्रेमलता गिरी को अपने नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने के दौरान पंजीयन व्यवस्था में किए गए सुधारों का लाभ मिला।
महिला क्रेता होने के कारण उन्हें पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिली, जिससे करीब 2,430 रुपये की बचत हुई। वहीं ऑनलाइन और डिजिटल सुविधाओं के चलते रजिस्ट्री प्रक्रिया में समय की भी बचत हुई।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत पंजीयन विभाग से संवाद के दौरान प्रेमलता गिरी ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री से पहले ही संपत्ति के बाजार मूल्य और विभिन्न शुल्कों की जानकारी मिल गई थी। इससे उन्हें पूरी प्रक्रिया और संभावित खर्च को पहले से समझने में सुविधा हुई।
महिला क्रेताओं के लिए पंजीयन शुल्क 4 से घटकर 2 प्रतिशत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीयन शुल्क में राहत दी गई है।
महिलाओं के पक्ष में संपत्ति अंतरण संबंधी दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क की दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत की गई है। इससे महिला क्रेताओं को शुल्क में 50 प्रतिशत की राहत मिल रही है।
प्रेमलता गिरी ने कहा कि शुल्क में कमी से महिलाओं के लिए अपने नाम संपत्ति का पंजीयन कराना अधिक किफायती हुआ है। उनके मामले में इस रियायत से करीब 2,430 रुपये की आर्थिक बचत हुई।
सुगम एप से जमीन की पहचान, ऑनलाइन प्रक्रिया से कम हुई दौड़भाग
पंजीयन प्रक्रिया के दौरान उन्हें डिजिटल सुविधाओं का भी लाभ मिला। ऑनलाइन दस्तावेज तैयार करने, आधार आधारित पहचान सत्यापन और डिजिटल माध्यम से दस्तावेज उपलब्ध कराने जैसी सुविधाओं से प्रक्रिया आसान हुई। सुगम एप के माध्यम से जमीन की पहचान सुनिश्चित करने में भी मदद मिली।
इन सुविधाओं के कारण आवश्यक जानकारी पहले से उपलब्ध रही और कार्यालय के अनावश्यक चक्कर कम हुए। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद पंजीकृत दस्तावेज व्हाट्सएप पर भी प्राप्त हुआ, जिससे दस्तावेज लेने के लिए दोबारा कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ी।
प्रेमलता गिरी ने पंजीयन शुल्क में राहत और डिजिटल सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, वित्त एवं पंजीयन मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा पंजीयन विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व को मिल रहा प्रोत्साहन
पंजीयन शुल्क में रियायत और तकनीक आधारित सेवाओं को महिलाओं के नाम संपत्ति पंजीयन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे महिलाओं के संपत्ति स्वामित्व के साथ उनकी आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।



