स्कूल से लौट रहे बच्चों के बीच पहुंचे शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, सहज संवाद में जानी पढ़ाई और स्कूल की जरूरतें

रायपुर, 5 अक्टूबर 2026। स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रहे विद्यार्थियों के लिए सोमवार का दिन उस समय खास बन गया, जब शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव अचानक उनके बीच पहुंचे और बच्चों से आत्मीयता के साथ संवाद किया।
दुर्ग जिले के ग्राम फेकारी में आयोजित सेवा सेतु शिविर से लौटते समय मंत्री सेलूद चौक पहुंचे, जहां उन्होंने हाईस्कूल के विद्यार्थियों से मुलाकात कर उनकी पढ़ाई, स्कूल की गतिविधियों और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
शिक्षा मंत्री को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया। उन्होंने बच्चों से तिमाही परीक्षा की तैयारी, पढ़ाई, खेलकूद और स्कूल की अन्य गतिविधियों के बारे में सहजता से बातचीत की। इस दौरान विद्यार्थियों ने भी बेझिझक अपनी समस्याएं और स्कूल से जुड़ी आवश्यकताएं मंत्री के सामने रखीं।
विद्यार्थियों की मांग पर प्रार्थना शेड और मंच बनाने के निर्देश
विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में प्रार्थना शेड एवं मंच की आवश्यकता बताई। बच्चों की मांग को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा मंत्री श्री यादव ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रार्थना शेड और मंच निर्माण के निर्देश दिए।
इसके साथ ही स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड, बाउंड्रीवाल और वॉलीबॉल ग्राउंड निर्माण की घोषणा भी की। इससे विद्यार्थियों को बेहतर खेल सुविधाएं और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में मदद मिलेगी।
एआई और तकनीकी शिक्षा पर भी दिया जोर
विद्यार्थियों से संवाद के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा कि आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों का है। ऐसे में विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई के साथ तकनीकी ज्ञान में भी दक्ष होना चाहिए।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में गूगल, एक्सेल सहित विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों के सहयोग से विद्यार्थियों को AI जैसी आधुनिक तकनीकों के लिए तैयार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश लर्निंग कोर्स शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
स्कूल पहुंचकर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
इसके बाद शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव स्वामी आत्मानंद शासकीय विद्यालय, सेलूद पहुंचे। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया तथा प्राचार्य एवं शिक्षकों से विद्यार्थियों की जरूरतों और शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी ली।
प्राचार्य ने बताया कि विद्यालय में शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण, खेल सुविधाएं और आवश्यक आधारभूत संसाधन उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।



