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मालवीय रोड पर अतिक्रमण से बढ़ा जाम, व्यापारियों का सब्र टूटा

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रायपुर । राजधानी रायपुर का सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक बाजार गोलबाजार, जहां शहर और आसपास के इलाकों से रोज़ हजारों लोग खरीदारी करने आते हैं, अब अतिक्रमण और जाम की समस्या से जूझ रहा है। मालवीय रोड से चिकनी मंदिर चौक तक का इलाका अतिक्रमणकारियों के कब्जे में है, जिससे न केवल यातायात बाधित है बल्कि गोलबाजार के एक हज़ार से अधिक व्यापारियों के व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है।

अतिक्रमण से जाम, ग्राहकों का पहुंचना मुश्किल
व्यापारियों का कहना है कि मालवीय रोड पर दो कारें निकल सकें इतनी चौड़ी सड़क पर अब एक दोपहिया वाहन तक निकलना मुश्किल हो गया है। दुकान के सामने ठेले, कब्जे और अव्यवस्थित पार्किंग से ग्राहकों का बाजार तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया है।

त्योहारी सीजन, खासकर दीवाली की खरीदी को देखते हुए यह स्थिति व्यापारियों के लिए गंभीर आर्थिक नुकसान का कारण बन रही है।

हर दरवाज़े पर दी अर्जी, नहीं हुई सुनवाई
गोलबाजार व्यापारी महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से जिला प्रशासन और नगर निगम से अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे हैं।

सुशासन तिहार के दौरान उन्होंने सौ से अधिक आवेदन जमा किए थे, लेकिन व्यापारियों का आरोप है कि उन आवेदनों को “डस्टबिन में डाल दिया गया।”

प्रशासन को चेतावनी: अब आंदोलन की राह
लगातार उपेक्षा के बाद अब व्यापारियों ने सत्याग्रह आंदोलन का पहला चरण शुरू कर दिया है। पूरे गोलबाजार क्षेत्र में विधायक, महापौर, कलेक्टर, एसएसपी और पार्षदों के नाम से बैनर-पोस्टर लगाकर प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराया गया है।

व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन जल्द कदम नहीं उठाता तो आंदोलन को विस्तारित रूप दिया जाएगा।

“हमने हर नियम का पालन किया, फिर भी सुनवाई नहीं”
महासंघ के सदस्यों का कहना है कि व्यापारियों ने हमेशा प्रशासन की नीतियों और नियमों का साथ दिया, टैक्स और शुल्क समय पर जमा किए, लेकिन जब उनकी बारी आई तो कोई सुनवाई नहीं हुई।

उनका कहना है कि “हम अपने शहर को व्यवस्थित रखना चाहते हैं, लेकिन अगर अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो हमें अपना व्यापार बचाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा।”

ग्राहकों की संख्या घटी, कारोबार आधा रह गया
स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि भीड़भाड़ और जाम के कारण ग्राहक अब गोलबाजार की जगह मॉल या अन्य बाजारों का रुख कर रहे हैं।
इससे पारंपरिक दुकानों की बिक्री में 50 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।

व्यापारी महासंघ ने जिला प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने और सड़क को मुक्त कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि स्थिति नहीं सुधरी तो अगला चरण बाज़ार बंद और सड़कों पर प्रदर्शन के रूप में होगा।

mahipal sao

कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा पूर्ण की। इसके पश्चात पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर… More »

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