जंगल में शिकार की फिराक में घूम रहे थे दो ग्रामीण, जंगली मुर्गे और 53 फीट फंदे के साथ गिरफ्तार

गरियाबंद: उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो ग्रामीणों को गिरफ्तार किया है। दोनों संदिग्धों को जंगल में घेराबंदी कर पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से तीन मृत जंगली मुर्गे और तार से बना करीब 53 फीट लंबा फंदा बरामद किया गया।
वन विभाग के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को गोपनीय सूचना मिली थी कि कुछ लोग इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर क्षेत्र के जंगल में अवैध शिकार के इरादे से प्रवेश कर रहे हैं। सूचना के आधार पर अधिकारियों के निर्देश पर वन अमले की टीम ने ग्राम डुमाघाट के समीप स्थित वन कक्ष क्रमांक 1213 में घेराबंदी कर सघन गश्त शुरू की
जंगल में संदिग्ध हालत में मिले दो व्यक्ति
गश्त के दौरान टीम ने जंगल में दो संदिग्ध व्यक्तियों को घूमते हुए पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम हलधर, पिता छोटा गोंड और दिलीप, पिता जलधर गोंड, दोनों निवासी ग्राम डुमाघाट बताया।
तलाशी लेने पर उनके पास सफेद प्लास्टिक की थैली मिली। जांच करने पर उसमें तीन मृत जंगली मुर्गे और तार से निर्मित लगभग 53 फीट लंबा फंदा बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने जंगल में फंदा लगाकर जंगली मुर्गे (झार कुकड़ी) का शिकार करने की बात स्वीकार की
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला
वन विभाग ने मौके से ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए इंदागांव (धुरवागुड़ी) बफर वन परिक्षेत्र कार्यालय लाया। आरोपियों द्वारा अपराध स्वीकार किए जाने के बाद उनके खिलाफ पी ओआर प्रकरण क्रमांक 17/424, दिनांक 03 सितंबर 2026 दर्ज किया गया।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें प्रथम श्रेणी न्यायालय देवभोग के समक्ष पेश किया
।14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल
न्यायालय के आदेश के बाद दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में अवैध शिकार, अवैध कटाई और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी सुशील कुमार सागर, वनक्षेत्रपाल राकेश सिंह परिहार, उप वनक्षेत्रपाल एवं विवेचना अधिकारी भूपेंद्र कुमार सोनी, वनपाल रोहित कमरो, वनरक्षक रुस्तम यादव, पुनीत राम ध्रुव, देवीसिंग यादव, तुलाराम नेताम और गिरधारी बिसी सहित वन अमले की भूमिका रही।
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